गाँव का सम्पूर्ण जीवन पढना न भूले ,,,,,,आधी कल पढना
पांच साल बाद गाँव आया ,
देर्खा कितना बदलाव आया ,
वो पगल्या वाला झंडा ,
वो हरा भरा आमली का पेड़ ,
घर के आँगन में नीम पर
अटका सूरज ,
वो मंदिर किनारे वाला हैंडपंप ,
कुछ भी न मिला ,
याद आते है वो दिन आज भी ,
मुंह पुछकर दोबारा प्रसाद खाना ,
तालब किनारे दोस्तों के चड्डी बनियान छुपाना ,
पुराने लोह ल्ख्ड को बेच आम खाना,
नयी किताबो से तरबूज खाना ,
अनाज लेकर चुस्की खाना ,
वो रोज छाछ पीना ,
न होने पर पडोसी से केतली भर लाना,
नवरात्रा माँ घर घर जाकर माँगना ,
जय माता की बोलना ,
मेले से ॐ वाला ताबीज ,
हाथ पर नाम गुदवाना ,
मैले से सामान चुराना ,
कार चाबी भरकर दोडाना,
दोस्त से टक्कर करवाना ,
मांगी लाल के घर मिथुन की फिल्म देखना ,
एक दिन के लिए मिथुन बनकर
दोस्तों से स्टाइल से लड़ना ,
दोस्तों को उसकी कहानी सुनाना ,
गोली मारने की धुन से डिस्काऊ करना ,
जागरण मै चाय पीने जाना ,
कभी सुपारी इलायची खाना ,
मिला मोका उठा सिगरेट,
गली में संजय दत्त वाली
स्टाइल में सूटा मारना ,
नाको से धुआ निकालना ,
खेतो मै मिट्टी लपेट नहाना ,
गुड मूंगफली जेब में भर ,
दोस्तों को दिखाकर खाना
उस बुद्दे को चिढाना ,
अलाव तापने के लिए पडोसी
के कंडे चुराना ,
टायर घुमाना ,
माचिस ,फिल्मो वाले ताश खेलना ,
मंदिर से पैसे उठाना ,
भगवान् के आगे चढ़ा हुआ प्रसाद खाना,
उफनती नदी को छत से देखना
तलाई मै चुपके नहाने जाना ,
मोर का सुबह बोलना ,
रामस्वरूप का बकरियों में जाना ,
टर टर कर उनको भगाना ,
दिल को सताना ,
कभी गिल्ली कभी मारदाड़ी खेलना ,
खेतो से फलियों को इकट्ठा करना ,
दोस्तों से पढाई में जलना ,
चुपके से खिड़की से देखना,
आम के पेड़ से केरी तोडना ,
नमक लागकर खाना ,
कभी कोढियो से कभी
इमली के बीजों से खेलना ,
वो कमर पे काले धागे पर ,
चाबियों का गुच्छा बांदना ,
आंकड़ो के पेड़ से ,
टूटी पतंग की डंडी से धनुष बाण बनाना ,
दीवाली पर गोबर में , कभी बोतल में
कभी बेलो के पैर तले पटाखे छोड़कर भागना ,
होली पर गधे पर बेठना ,
कीचड़ , जले हुए आयल से होली खेलना ,
दोस्तों के कपडे फाड़ना ,
स्कूल की लड़की के घर सामने
नाचना ,पीपा बजाना शोर करना ,
राखी पर बहिना से राखी बंधवाकर ,
पैसे न देना ,
व्रत वाले दिन भूख लगी
दिन में ही खाना खाना ,
पिचके वाले से पिचके खाना ,
साथ में सुखी पपड़ी जरुर खाना ,
भाभी की की सकी को छेड़ना ,
झोपडी पर मांडने मांडना ,
माँ को देखा मिट्टी से लेप करना ,
वो बीस पंजे वाला पिल्ला पालना ,