किसान का बेटा हूँ ,,,,,,,
1---नहीं अमीरों की ओलाद,मै किसान का नंदन हूँ ,
फूलो से नहीं मिट्टी से करता अभिनन्दन हूँ ,
मै धरनीधर का रोज करता वंदन हूँ ,
मिमयाती बिल्ली नहीं, शेरो की दहाड़ सी मेरी क्रंदन है
रोली कुमकुम का टिका नही, मिट्टी मेरे लिए चन्दन है ,
खेती करना ही मेरे लिए पूजा अर्चन हें,
धीमी सी किलकारी मेरी हाथी की गर्जन है ,
खेतो का नहीं एक एक व्रक्ष का करता अंकन हूँ ,
खेतो की हरयाली सा खिलखिलाता चमन हूँ
नफरत की दीवार नहीं ,देश मै फेलाता अमन हूँ,
सिखाते रहना अन्धकार में ,यही करता नम्र निवेदन हूँ ,(ramavtar nagar –9414370268)
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