Tuesday, February 14, 2012

मै अन्ना हू,,,,,,,,,,


अन्ना तेरे अनशन में देखी ताकत सरकार की ,
देखा संसद में गुण्डे,ग्वारो की भरमार थी ,
कहकर यही ओमपुरी ने संसद को धिक्कारा था ,
किरणबेदी ने भी ओढ़ दुपट्टा गजब का तीर मारा था ,
इसलिए सांसदों ने लगाया झूठा धारा था ,
"में अन्ना हु " यही देश का नारा था ,
भ्रष्टाचार मिटाना तो अन्ना का जयकारा था,
भ्रष्टाचार लड़ाई में अन्ना के साथ देश सारा था 
केजरीवाल ने भी सरकार को ललकारा था ,
रामदेव भी आ गया था ॐ नाम उसे प्यारा था ,
आमिर खान भी अन्ना के समर्थन पर वारा था,
मनीष तिवारी बहक गया ,चढ़ा जो उसका पारा था ,
राहुल की जबा पर लगा बोल का ताला था ,
सिब्बल , दिग्विजय ने चलाया शब्दों का आरा था ,
कांग्रेस सरकार को दिखा दिया  दिन का तारा था ,
अन्ना के अनशन पर चढ़ा गजब का परवान था ,
क्रिकेट पेर्मी तक भूल गए थे की कोंन ब्रायन लारा था ,
अन्ना के अनशन में अन्ना ही गाँधी  का अवतार था ,
भ्रष्टाचार मिटाने से ही देश का भवपार था ,
भ्रष्टाचार लड़ाई में अन्ना देश का करतार था ,
रह गयी सोनिया अकेली न कोई उसका भरतार था ,
मेधा पाटेकर ने भी सरकार को फटकारा  था ,

अन्ना के इक दीवाने ने खुद को जलाकर मारा था , 
मनमोहन नजारा देखे बेठा_बेठा कार में ,
सोनिया गांधी भूल गयी अनशन को श्रंगार में,
अन्ना के दिवानो से भरा दिल्ली दरबार था ,
पुलिस निशाना अन्ना को भगाना हरबार था ,
किरण बेदी ने याद दिलाया जय माता की बोलकर ,
देखो पुलिस वालो कानून को ढंग से खोलकर ,
नहीं खायी थी कसमे तुमने आपनो को बेचकर ,
रामदेव के अनशन में मर्यादा तार -तार की थी ,
भारत माँ के दीवानों पर तलवारे आरपार की थी ,
इसलिए सुप्रीम कोर्ट ने फटकार बार -बार दी थी ,
पाला हे माताओ ने पसीनो से तुम्हे सिचकर ,
थप्पड़ मारो मंत्रियो के दात अपने भीचकर , 
सबक सिखा दो लम्बे कुर्ते खीचकर ,
मोका हे मोक्ष पाने का भट्टी  में इनको झोंककर,
मज़ा लो जिन्दगी का गर्दन इनकी नोचकर ,
कुछ नहीं होगा तुम्हारा रह जायेंगे ये भोक्कर ,
अन्ना तेरे अनशन में देखी ताकत सरकार की ,
देखा संसद में गुण्डे भड्वो की भरमार थी ,
अगर दम रखती सरकार देह में ,
ना फसती राजनीति के मोह में 
भीड़ लेती चाइना -पाक से ,
ना लहराने देती झंडा वतन लेह में 

"जय हिंद " जय भारत "
WRITTEN BY-- "RAMAVTAR NAGAR 

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