Thursday, February 16, 2012

जय जय बीकाणा,,,,,,,,,,,,,

सदियों से जो लाज बचाता भारत माँ के आन की ,
चन्दन से प्यारी हे  मिट्टी  मेरे राजस्थान की  ,
 पन्नो में लिखी कहानी जिसके स्वाभिमान की,
परवाह नहीं करते जहा वीर अपनी जान की ,
चन्दन से प्यारी है मिट्टी मेरे राजस्थान की ,
 विश्नोई गुरु जाम्भोजी का पवित्र मुकाम है ,
बीकानेर के शेरो से ही हिन्दुस्तान सलाम है ,
इसका ही  लाल अर्जुनसिंह दुनिया में ख्यातिनाम है ,
कोडम देशर के भेरू का जहा चमत्कारी धाम है ,
चार दीवारी का परकोटा जूनागढ़ बतलाता है ,
गंगासिंह बालपन में शेरो से  लड़ जाता है ,
रानी करनी ने अकबर पर तलवार चलाई थी ,
गंगा ने अपने दम से गंगनहर बनवाई थी ,
सिव्ण, बेर, सांगरी की अनोखी मिठास है ,
बीकाजी नमकीन का स्वाद बड़ा ख़ास है ,
अल्हजीरा के संगीत ने दुनिया में नाम कमाया था ,
 यहाँ जश्नाथियो ने अग्नि न्रत्य कर  बतलाया था ,
लालगढ़ का दुर्ग यहाँ यहाँ अपनी शान दिखाता है ,
बच्चे   बच्चे  को यह वीरो का गान  सिखाता है ,



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