राजस्थानी अबलाओ ने अमर हिन्दुस्तान बना डाला ,
लाशें बिछाकर श्त्रानियो ने हर डगर श्मसान बना डाला ,
सिर काट हाड़ी रानी ने गोरव इतिहास बना डाला ,
अच्छे अच्छे वीरो का रणभूमि में उपहास बना डाला ,
चन्दन से बेटे को जिसने बेजान सुला डाला ,
ऐसी पन्ना सेवक ने दीपदान भुला डाला ,
मीरा की भी गजब कहानी थी ,
प्रेम भक्ति में हुई दीवानी थी ,
नागर नागर रटकर जहर को अमृत बना डाला ,
मंथन करके नागर ने फटे दूध को घर्त बना डाला ,
रानी पदमावति की बात निराली थी ,
रण के दिन हुई रात काली थी ,
झूठे झंडे देखकर भी ज़ोहर कर डाला था ,
पतिव्रता से हम्मीर को भाव विभोर कर डाला था ,
विश्वसुन्दरी पद्मिनी की क्या गजब जवानी थी ,
परछाई भी उसकी क्या अजब सुहानी थी ,
हिन्दुस्तान क्या ,राजस्थान काफी है इतिहास रचने में ,
वीरो को छोड़ो भरी पड़ी है नारिया दुश्मनों का नाश करने में
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