Wednesday, February 15, 2012

बीकानेर का इतिहास सुनाने वाला हूँ ,

सदियों से लाज बचाता जो भारत माँ के आन की ,
चन्दन से प्यारी है , मिट्टी  मेरे राजस्थान की ,
देशनोक की फिजा से सजा माँ का दरबार है ,
सोने सी मिट्टी में रच रच बसा माँ का प्यार है ,
देश की सीमा का प्रहरी माँ की लाज बचाता है ,
रसगुलो के स्वाद से दुनिया पर राज चलाता है ,
जहा जवानी में राजा गंगा ने गंगानगर बसाया था ,
छाती पर जूती रखकर करनीने कहर बरसाया था ,
कोलायत की धरती पर कपिल मुनि  का धाम है,
ऊन मंदी का दुनिया में चलता बड़ा नाम है ,
लाडेरा के धोरो पर ऊट उत्सव चले बड़ा अभियान है ,
ऐसी सम्राथल धरा पर नागर को स्वाभिमान है ,

 

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